Monday, June 4, 2012

सचिन तेंदुलकर सांसद बने


पंडित । 'क्रिकेट के भगवान' मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने सोमवार को राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली। शपथ ग्रहण करने से पहले सचिन तेंदुलकर अपनी पत्नी के साथ संसदीय कार्यमंत्री राजीव शुक्ला के घर गए और वहां से उनके साथ सीधे उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के अध्यक्ष हामिद अंसारी के पास पहुंचे। अंसारी के कक्ष में उन्होंने राज्यसभा के सदस्य की शपथ ली। राज्यसभा में उन्हें 103 नंबर की सीट आवंटित की गई है।
किसी से भी कोई सहायता नहीं मांगी
-राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद तेंदुलकर ने ब्लॉग पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सबसे पहले तो यही कहा कि सांसद बनने के लिए उन्होंने किसी से भी कोई सहायता नहीं मांगी और ना ही सिफारिश कराई।
उन्होंने कहा, मैं यहां अपने क्रिकेट करियर की बदौलत पहुंचा हूं और मैं क्रिकेट खेलना जारी रखूंगा। मैं खेल से जुड़े हर जरूरी पहलू पर बतौर सांसद अपनी भूमिका से न्याय करूंगा। संसद में खेल से संबंधित मुद्दे उठाऊंगा ताकि खेल का विकास हो सके। सचिन ने कहा, मुझे खुशी होगा यदि मैं भविष्य में एक ऐसे इंसान के रूप में जाना जाऊं, जिसने खेल के विकास के लिए कुछ किया।
टेस्ट और वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक रनों के अलावा क्रिकेट के अनेक आसमानी कीर्तिमान रचने वाले तेंदुलकर ऐसे पहले खिलाड़ी हैं, जो राज्यसभा सांसद बने हैं। उनसे पूरे देश और खेल जगत को बड़ी उम्मीद है कि वह महज औपचारिक सासंद न रहते हुए अपने इस पद का खेल और युवाओं के विकास में भरपूर इस्तेमाल करेंगे।
तेंदुलकर को भविष्य में भारत-रत्न से भी नवाजा जा सकता है। सरकार ने जनता की मांग को देखते हुए इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान की वर्ग-श्रेणी में संशोधन कर खेल वर्ग को भी इसमें शामिल किया है।
लोकपाल का मुद्दा उठाएं तेंदुलकर: अन्ना
तेंदुलकर को सांसद बनने पर शुभकामना देते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि तेंदुलकर को अब संसद में लोकपाल की लड़ाई लड़ना चाहिए। अन्ना ने कहा, तेंदुलकर अब संसद में लोकपाल का मुद्दा उठाएं। हमें उम्मीद है कि वे ऐसा करेंगे।
हजारे ने कहा कि सचिन जैसे लोगों को राजनीति में आना चाहिए। टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सचिन से अपील करेंगे कि वह भ्रष्टाचार से लड़ने और राज्यसभा में इसके खिलाफ एक सशक्त कानून बनाने में सहायक साबित होंगे।
मनोनयन को लेकर खूब हुई राजनीति
-तेंदुलकर के राज्यसभा में मनोनयन को लेकर राजनीति खूब हुई। आरोप लगे कि कांग्रेस ने ब्रांड तेंदुलकर को अपने साथ जोड़ने के लिए यह कार्ड चला। तेंदुलकर के सोनिया गांधी से मुलाकात करने के बाद इस बात ने तूल भी पकड़ा, लेकिन तेंदुलकर की आदर्श छवि और उनसे भावनात्मक लगाव के चलते कोई भी जनभावना के खिलाफ नहीं जा पाया।
कुछ पूर्व क्रिकेटरों ने तर्क दिया कि क्रिकेट से संन्यास के बाद ही तेंदुलकर संसद में बनें तो बेहतर होता। कुछ ने कहा, भारत-रत्न मिलने के बाद ऐसा होता तो अधिक बेहतर होता।

Friday, June 1, 2012

पेट्रोल की गर्मी के बाद अब कार के दाम में लगेगी आग


सोनू पंडित नई दिल्ली 
पिछले हफ्ते कंज्यूमर्स को पेट्रोल के दाम में हुई 
बढ़ोतरी का झटका लगा है। कार खरीदने की योजना बना रहे लोगों को जल्द ही एक और झटका लग सकता है। कार कंपनियां कीमतें बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। यह इस साल होने वाली तीसरी बढ़ोतरी होगी। कार कंपनियां इनपुट कॉस्ट के बढ़ते दबाव और कमजोर रुपए के असर को कम करने के लिए कीमत बढ़ाने पर विचार कर रही हैं।

कीमतों में होने वाली लगातार बढ़ोतरी का असर सेल्स की ग्रोथ पर पड़ा है। अप्रैल में कार सेल्स ग्रोथ घटकर करीब 3 फीसदी के स्तर पर आ गई, जो पिछले एक दशक में सबसे कम है। हालांकि, कार कंपनियों का कहना है कि वे करेंसी में होने वाले बदलाव और बढ़ते आयात बिल को झेलने की स्थिति में नहीं हैं और उन्हें लागत का बोझ ग्राहकों पर डालना ही होगा। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर्स और जनरल मोटर्स इंडिया जैसी कंपनियां जल्द ही दाम बढ़ाने की घोषणा कर सकती हैं। जबकि मारुति सुजुकी और ह्युंदै मोटर जैसी कंपनियां ऐसे विकल्प पर विचार कर रही हैं। खबर लिखे जाने तक फोर्ड इंडिया ने अपनी कारों के दाम बढ़ाए जाने को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर्स के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर (मार्केटिंग) संदीप सिंह का कहना है, 'पिछली कुछ तिमाहियों से हम लागत का दबाव झेल रहे हैं और हमने अगले कुछ दिनों में दाम बढ़ाने का फैसला किया है।' उन्होंने कहा कि दाम कितने बढ़ाए जाने हैं अभी यह तय नहीं है, लेकिन बढ़ाए गए दाम जून से प्रभावी होंगे। जनरल मोटर्स ने 1 जून से दाम बढ़ाने का फैसला किया है। हालांकि, पेट्रोल के दाम में की गई भारी बढ़ोतरी को देखते हुए कंपनी अपने फैसला पर दोबारा विचार कर रही है। जनरल मोटर्स के वाइस प्रेजिडेंट (कॉरपोरेट अफेयर्स) पी. बालेंद्रन ने बताया, 'जून से अपनी कारों के दाम बढ़ाने जाने की योजना पर हम दोबारा विचार कर रहे हैं, क्योंकि ग्राहकों पर अभी पेट्रोल की कीमत में बढ़ोतरी का बोझ पड़ा है।' उन्होंने कहा कि हम ग्राहकों के लिए दोहरी दिक्कत नहीं पैदा करना चाहते हैं, इसलिए हम घरेलू मार्केट की स्थितियां सुधरने तक कीमत बढ़ाने की योजना को टालने पर विचार कर रहे हैं।

इस साल जनवरी में कार कंपनियां ने कारों के दाम 1.5 से 3 फीसदी तक बढ़ाए थे। लेकिन बजट में एक्साइज ड्यूटी के 2-5 फीसदी बढ़ाए जाने के बाद बढ़ोतरी का असल असर देखने को मिला। बजट के बाद छोटी हैचबैक कारों की कीमत 6,000 रुपए तक बढ़ गई, जबकि टॉप ऐंड लग्जरी सेगमेंट में दाम 5 लाख रुपए तक बढ़े।

Sunday, April 22, 2012

दो बोतल व्हिस्की 1.4 करोड़ रुपए में बिकी


नई दिल्ली: शराब के शौकीन अपने शौक को पूरा करने के लिए किस हद तक जा सकते हैं, इसकी मिसाल हाल ही में 
देखने को मिली जब व्हिस्की पीने के शौकीन दो लोगों ने ग्लासगो में डलमोर 64 ट्रिनिटास व्हिस्की की दो बोतल खरीदने के लिए दो लाख पौंड (करीब 1.4 करोड़ रुपए) खर्च किए।

चौंसठ साल पुरानी इस शराब की केवल तीन बोतलें तैयार की गई थीं जिसमें से एक बोतल अमेरिका के एक व्यक्ति ने, जबकि दूसरी बोतल ब्रिटेन के एक प्रतिष्ठित व्हिस्की निवेशक ने एक-एक लाख पौंड में खरीदी।

डलमोर व्हिस्की तैयार करने वाली कंपनी व्हाइट एंड मैके के युनाइटेड स्प्रिट्सि तीसरी बोतल अक्तूबर के अंत में लंदन में होने वाले एक व्हिस्की शो में रिकार्ड कीमत में बेचने की योजना बनाई है। कंपनी का दावा है कि विश्व के इतिहास में पहली बार व्हिस्की ने लाख पौंड का स्तर छूआ है।